Nargisi Aankhe

तेरी बातों में हम खोते चले गये,
न चाहते हुए भी तेरे होते चले गये,
जाने क्या बात थी तेरी नरगिसी आँखों में "सनम" ,
तेरी यादों के हुस्न में हम सोते चले गये !!

अब तो हालत मुफलिस की कुछ इस कदर हो गयी,
सुर्ख होठों पर जैसे घटायें छा गयी,
तमाशा तकदीर ने किया ज़िन्दगी में कुछ इस तरह "उत्तम";
कि पत्थर दिल से मोहब्बत करने की सजा मिल गयी !!
#उत्तम त्रिपाठी

Comments

Popular posts from this blog

शहर दिल्ली और वो

बेरहम ज़माना

एक दिन,तुम