तुम्हारा होना
तुम्हारा होना है, जीवन-मरण के बीच एकाएक हृदय का धडकना | तुम्हारा होना है कि जैसे, सूखे मरुस्थल में सावन घिर आया हो ||
मैं लिखता हूं कि कुछ कह सकूं, जैसे बारिश के बाद धूप, वैसे मैं लिखता हूं कि तुम्हे गुनगुना सकूं । ये सिलसिले शाश्वत तक चलते रहेंगे और हम तुम्हे शब्दों में शाश्वत तक लिखते रहेंगे, मैं लिखता हूं इसलिए की तुम्हे सुन सकूं !!