Safar To Dekho
हिमगिरि से हिमपात की हिम नज़र तो देखो, बहकती धार में कश्ती की कोई सफर तो देखो, भटकते हैं कूचे में किसी नायाब हीरे के खतिर, मेरे दिल में पल रहे राधा के कोई ख्वाब तो देखो !! दुख,दर्द को जमीर से हटा के तो देखो, प्रभु चरणों में जीवन लगा के तो देखो, ज़हर भी अमृत का प्याला बन जायेगा, कोई मीरा सी हस्ती मिटा के तो देखो !! #उत्तम त्रिपाठी