Dost Ko Salam
------:::::::::::::::दोस्त::::::::::-----मेरे :::::---
ऎ दोस्त तुमको मैं दिल से सलाम करता हूँ,
रहम लाये खुदा मौला तुमपर ये पैगाम लिखता हूँ,
तुम्हारी आँखों की दो बूँदों से हारे सातों सागर ,
यही चाहत से तुमपर जां निसार करता हूँ !
दोस्त दिल की ये दुआये हैं ज़रा गौर फ़रमाना,
टूटे न कभी दिल मेरा बस खैर अर्जाना ,
होती हैं हर शक्स से बेदर्द दुनियाँ में बातें,
ऎ दोस्त किसी भी गलती पर दोस्ती का अदब कर जाना !!
#उत्तम त्रिपाठी
ऎ दोस्त तुमको मैं दिल से सलाम करता हूँ,
रहम लाये खुदा मौला तुमपर ये पैगाम लिखता हूँ,
तुम्हारी आँखों की दो बूँदों से हारे सातों सागर ,
यही चाहत से तुमपर जां निसार करता हूँ !
दोस्त दिल की ये दुआये हैं ज़रा गौर फ़रमाना,
टूटे न कभी दिल मेरा बस खैर अर्जाना ,
होती हैं हर शक्स से बेदर्द दुनियाँ में बातें,
ऎ दोस्त किसी भी गलती पर दोस्ती का अदब कर जाना !!
#उत्तम त्रिपाठी

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