मेरे साथी
हां...............
तुम हो मेरे साथी
मेरे दुख के साथी,, मेरे सुख के साथी
मेरे हर क्षण हर स्वभाव के साथी,,,
मेरे गुज़रे और upcoming दिनों के Adarshसाथी
हां तुम ही तो हो,,
और ये सब मैं न भी बोलूं तो भी,
मेरी रूह का जर्रा जर्रा वाकिफ है
तुम्हारी रफाकत से....
मुझे खूब पता है.. कि
मेरी हर इब्तसाम तुम्हारी इबादत है,
मेरा हर इफ्तखार तुम्हारा इनाम है,,
मेरा इनाद तुम्हारा इन्कलाब है....
फिर क्यों शक करूं...
क्यों न कहूं ....
मेरा सच्चा मित्र मेरे साथ है ।।
#उत्तम_त्रिपाठी
तुम हो मेरे साथी
मेरे दुख के साथी,, मेरे सुख के साथी
मेरे हर क्षण हर स्वभाव के साथी,,,
मेरे गुज़रे और upcoming दिनों के Adarshसाथी
हां तुम ही तो हो,,
और ये सब मैं न भी बोलूं तो भी,
मेरी रूह का जर्रा जर्रा वाकिफ है
तुम्हारी रफाकत से....
मुझे खूब पता है.. कि
मेरी हर इब्तसाम तुम्हारी इबादत है,
मेरा हर इफ्तखार तुम्हारा इनाम है,,
मेरा इनाद तुम्हारा इन्कलाब है....
फिर क्यों शक करूं...
क्यों न कहूं ....
मेरा सच्चा मित्र मेरे साथ है ।।
#उत्तम_त्रिपाठी

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