Mera Ishq
मेरी ग़ज़लों में शामिल हुए,
वो हज़ार बार आए!!
भूल न पाए उन्हें,
जिनके साथ...
मेरा नाम इकबार आए !!
मैंने अपने गुनाहों का चिट्ठा बनाकर रखा है,
कुबूल लूंगा सारे,
खुदा जो ख़्वाब में इक बार आए ।।
ज़िन्दगी में दुःख तो मैंने बहुत पाए,
दर्द बहुत होता है,
जब चाहकर भी नींद आंखों में न आए ।।
शुक्र है खुदा तू सब पे बरसता है,
पर जिसका तू नहीं,
वो बेचारा कहां जाए ।।
तुम कहती हो
तुम्हे नीद नही आती,
तो वजह कुछ और होगी,
अब हर ऐब के लिए कसूर ठहराऊं,
तो मेरा इश्क़ कहां जाए ।।
# उत्तम_त्रिपाठी

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