Banke Mila

बहुत खुश हुआ मैं,बनके जब वो मरहम मिला..
एक उसके सिवा न दुनियाँ में,कोई हमदम मिला !
बनाके रूखे दिल को,इक हरा चमन..
दोबारा पत्तों पर न सूखा, कभी शबनम मिला ॥
#उत्तम त्रिपाठी

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