क्या लिखूं

क्या लिखूं
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कुछ जीत लिखूं या हार लिखूं,या दिल का सारा प्यार लिखूं.
कुछ अपनो के जज़्बात लिखूं या सपनो की सौगात लिखूं.

मैं खिलता सूरज आज लिखूं या चेहरा चाँद गुलाब लिखूं.
वो डूबते सूरज को देखूं या उगते फूल की साँस लिखूं.

वो पल मैं बीते साल लिखूं या सदियों लंबी रात लिखूं.
मैं तुमको अपने पास लिखूं या दूरी का अहसास लिखूं.

मैं अंधे के दिन में झाकूँ या आँखों की मैं रात लिखूं.
मीरा की पायल को सुन लूँ या गौतम की मुस्कान लिखूं.

वो पहली पहली प्यास लिखूं या निस्छल पहला प्यार लिखूं.
सावन की बारिश में भीगूं या आँखों की मैं बरसात लिखूं.
#उत्तम त्रिपाठी

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